misuse of indian laws by women's
महिलाओं द्वारा भारतीय कानूनों का दुरुपयोग !
आज हमारे भारत देश की कानून ब्यवस्था इतनी ख़राब हो गयी है की लोगो की जिंदगी एक तमाशा बन गयी है | हमारे देश में महिला कानून का इतना दुरूपयोग हो रहा है की लोगो को झूठे वलात्कार के मुक़दमे में फसा दिया जाता है | जो बे कसूर होते हुए भी जेल की सलाखों के फीछे होते है | उनके बीबी बच्चे, माँ बाप पूरा परिवार बर्बाद हो जाता है | यदि पैसा नहीं है तो माँ अपने बेटे को , पत्नी अपने पति को बहन अपने भाई को पिता अपने पुत्र को जेल से बहार नहीं निकाल पते | और दिन पर दिन उनका परिवार पूरी तरह से ख़त्म हो जाता है | क्या हम कभी सोचते है की एक लड़की के कह मात्र भर देने से किसी दूसरे आदमी की जिंदगी ख़राब कर देना ही हामार कानून है | हम रोज पेपर न्यूज़ में पढ़ते है की ३ साल पहले वलात्कार हुआ था एक लड़की के साथ लेकिन वो लड़की ३ साल बीत जाने के बाद रिपोर्ट दर्ज करने पुलिस स्टेशन पहुंच जाती है | हमें ये नहीं समझ में आता उसी समय वो लड़की क्यों नहीं गयी थी रिपोर्ट दर्ज करने | और हमारे देश का कानून उस लड़की के कथनानुसार रिपोर्ट दर्ज कर लेता है | इस कानून में सिर्फ गरीब लोग ही मारे जाते है | पैसे वाले लोग कभी नहीं मारे जाते | क्योकि पैसे वाले या तो लड़की को पैसा देकर केस को ख़त्म करा लेते है या बड़े से बड़ा वकील खड़ा करके केस जीत लेते है | पर जिनके पास पैसा नहीं होता या तो वह आदमी जेल के अंदर मर जाता है या खुद ख़ुशी कर लेता है और उसका परिवार फुटपात पर भीख माँग रहा होता है |

और वह लड़की अपनी शादी करके अपनी जिंदगी का मजा ले रही होती है | हम ये नहीं कहते देश की सारी लडकिया या सारी महिलाये यैसी है पर कुछ चंद लड़कियों या महिलाओ के चलते पूरे महिला समाज पर यह असर जाता है | अगर हमारे देश में ऐसे चलता रहा तो पुरुषो को महिलाओ से नफरत होने लगेगी और कभी कोई पुरुष किसी महिला को मजबूरी पर भी सहायता करने से डरेगा और फिर मजबूर महिलाओ को सहायता कभी किसी पुरुष से नहीं मिलेगी | इस लिए हमारे देश के कानून को चाहिए की यदि किसी लड़की के साथ वलात्कार जैसा अपराध हुआ है तो पहले उसकी अच्छी तरीके से जांच हो और डीएनए टेस्ट हो और पूरी गहरई तक जांच करने के बाद यदि साबित हो जाता है की सही अपराध हुआ है तो ही उस ब्यक्ति को जेल हो | हमारे समझ से तुरंत के वलात्कार केस में हम यह पता लगा सकते है मेडिकल टेस्ट द्वारा और जांच द्वारा की वलात्कार हुआ है या नहीं लेकिन जो तीन चार महीने या तीन चार साल पुराने वलात्कार के केस का हम कैसे पता लगा सकते है |

हमारे देश को यह चाहिए की यदि कोई झूठी वलात्कार जैसे केस करता है तो उस लड़की को भी वही सजा होनी चाहिए जीतनी उस पुरुष को होती |
तभी फ्राड महिलाये डरेंगी क्योकि उन महिलाओं के लिए कोई ऐसा कानून नहीं है जिससे उनको सजा मिल सके |
सजा हमेशा पुरुष ही झेलता है | चाहे वह दोषी हो या न हो |
आज कल तो ट्रेंड बन चुका है कोई भी बात हुई तो महिला को पुलिस स्टेशन ले जाकर रिपोर्ट लिखने का प्रयाश करने लगते है |
चाहे महिला से कुछ बात विवाद हुआ हो या न हुआ हो | यहाँ तक की दो भाई भाई में झगड़ा या कहा सुनी हुआ तो भी महिला को ही लेकर रिपोर्ट दर्ज करने पहुंच जाते है |
ऐसा एक केस है, एक लड़की और एक लड़का दोनों एक दूसरे से प्यार करते थे | लेकिन लड़की और लड़का दोनों एक दिन घर से भाग जाते है |
बाद में घर वालो को पता चलता है तो लड़की को घर बुला लेते है और फिर लड़की के ऊपर दबाव बनाकर लडके और लडके के दोस्तों के ऊपर वलात्कार का आरोप लगा दिया जाता है |
अब हमें ये नहीं समझ में आया की उन दोस्तों का क्या कसूर जो लड़की के कहने पर लडके के साथ साथ दोस्तों को भी जेल भेजा जाता है |
वैसे देखा जाय तो कसूर किसी का नहीं था क्योकि लड़की और लड़का दोनों एक दूसरे से प्यार करते थे |
ये तो घर वालो की गलती है जो दूसरे की जिंदगी बर्बाद और अपने की जिंदगी बना रहे है |
हमें और हमारे सरकार और हमारे कानून और माननीय महिला समाज को चाहिए की इस दुरुपयोगी कानून को सही करने का रास्ता निकले और दुरूपयोग करने वालो को कड़ी से कड़ी सजा मिले जिससे लोग कानून को मजाक न बना सके |
और माननीय महिला समाज का अपमान न हो सके | जिससे बे कसूर लोग अपनी जिंदगी आजादी से जी सके |
जय हिन्द |
चेतावनी :
"यह लेख किसी भी तरह से भारतीय संविधान और महिला समाज का उलंघन हेतु नहीं है | यह केवल लेखक का अपना स्वयं का निजी विचार है |"
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