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Judai Ka Intezaar
story 11-Dec-2019 Updated on 12/11/2019 6:12:25 AM

Judai Ka Intezaar

Anonymous User
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जुदाई का इंतज़ार

अब रोहन और पायल को अलग हुए सालो बीत चुके थे. फिर भी एक ऑफिशियल ब्रेक अप होना बाकी था. बन्दे के मैसेज तो जाते लेकिन बंदी इतना भाव खाती रहती है. हाँ शायद वह परेशान रही होगी या फिर उसकी ज़िन्दगी में कोई और शख्स आ चुका होगा. जुदाई का इंतज़ार तो रहेगा फिर भी और बिलकुल है भी ! आखिर वह तो पूछ ही रहा है कि "बाबू हुआ क्या बता तो दो ? आखिर बात क्या कि अब तुम हमसे बात भी नहीं कर रही हो ? क्या तुम मुझसे नाराज़ हो ? मुझसे खफा हो? ऐसी कौन सी बात है जो तुम मेरे साथ शेयर भी नहीं कर सकती हो पायल जी?" 

उसके 10 मैसेज आने के बाद उसका सिर्फ एक जवाब आता कि "क्यों मेरी इतनी फ़िक्र करते हो ? मुझे नहीं करनी तुमसे बात ! मुझे नहीं बताना कि बात आखिर क्या !" 1 दिन फिर कई महीने फिर कई साल ऐसे ही निकल जाते है और दोनों के बीच हाई-हेलो से आगे बात हो ही नहीं पाती.  

लड़की से तो अमूमन यही पूछा जाता है कि - "आर यू सिंगल ?" वह हाँ या ना बोले या फिर झूठ ही सी सही उसके आगे सवाल पूछे जाने की संभावना या कह लीजिये खतरा अपने आप ही समाप्त हो जाता है और आप एक गहरे संशय के कुँएं में डूब जाते है. 

लड़के की स्थिति थोड़ी अजीब या फिर कह लीजिये स्पेशल हो चली है. वह बोले कि मेरी गर्लफ्रेंड अथवा महिला मित्र है तो भी उसके दोस्त कहेंगे "चल रे झूठे, अबे तू एक और बंदी को पटाया होगा......" आखिरकार वह तो पहले से ही "लीचड़" के तौर पर सर्टिफाइड है लेकिन कौन उसके सच्चे दिल से किये उस पवित्र और सात्विक प्रेम को समझ ही नहीं सकता. 

दूसरे लड़को के लिए एक लड़की फिर दूसरी लड़की के साथ फ़्लर्ट करना आम बात होगी लेकिन ऐसा कई लड़कियों के लिए भी आम है कि वह एक साथ कई लड़को को अपने इशारे पर नचाये क्यूंकि अंततः एक लड़की के प्रति आकर्षण में एक पुरुष ही बहक के आएगा. 

दोनों का रिश्ता 2004 में जो शुरू हुआ था उसकी सच्चाई वाला अपडेट यही है कि साल 2019 में पायल गुप्ता और रोहन तिवारी नामक यह जोड़ा एक साथ होते हुए भी एक नहीं है. दोनों एक थे लेकिन जुदाई कभी हुई ....जुड़ा होते भी कहते जब हिम्मत करके रोहन पायल के घर को चला तो उसकी डोली उठ चुकी थी तभी तो वह उससे बात नहीं कर पाई....हिम्मत कर वापस आकर उससे मिलना चाहा तो उसके घर के सामने से ही अपने ही प्यारे रोहन तिवारी की अर्थी जाते हुए देखी. 

जातिवाद के इस संकीर्ण, सूक्ष्म और घोर दमनकारी फेरे ने दोनों आज़ाद ख़याली प्रेमियों को फंसा दिया कि दोनों मिल के भी कह न सके ....अपना ख्याल रखना, अलिवदा एंड लव व्यू. जुदाई का इंतज़ार अभी भी जो है !

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