Traitor to the country
An Incident

07-Oct-2019 , Updated on 10/23/2019 5:35:11 AM

Traitor to the country

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A True Incident in Jammu Kashmir

यह घटना जम्मू काश्मीर की उस समय की है जब काश्मीर से सारे काश्मीरी पंडितों को मार मार कर भगाया जा रहा था।  मै जिस वाकिये का यहाँ पर जिक्र करने चल रहा हूँ वो कुछ इस प्रकार है,  24 जनवरी 1990 की ठंडी।.बर्फीली रात थी।. श्रीनगर में कर्फ्यू लागू था।. लेकिन मस्जिदों में चिरागा था।जश्न का माहौल था।. रह रहकर मस्जिदों से अल्लाह ओ अकबर।. नारा ए तकबीर जैसे नारे उछाले जाते रहे।. मौलाना लोगों के ख़ुशी से भरे हुए भाषण रात के 2-3 बजे तक चलते रहे।. चंद रोज़ पहले श्रीनगर और घाटी को कत्लोगारत कर कश्मीरी पंडित हिंदुओं से खाली करा लिया गया था।

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रावलपुरा में वायुसेना के स्क्वाड्रन लीडर रवि खन्ना इस शोरशराबे में ठीक से सो नहीं सके।. पत्नी श्रीमती निर्मल कुमारी भी जगती रहीं।. ग्यारह साल पहले रवि खन्ना और निर्मल का प्रेम विवाह हुआ था।. एक बेटा साढ़े आठ साल का और एक बेटी 6 साल की थी।.उस वक्त।.

सुबह रवि खन्ना उठे।.बर्फ का तांडव जारी था।.नींद भी पूरी नहीं हुई थी।. निर्मल ने रवि खन्ना से छुट्टी लेने का निवेदन किया !।.कर्फ्यू भी लागू था।रवि खन्ना ने कहा कि एक ही बस में एयरोड्रम तक जाने वाला 18 एयरफोर्स के अन्य ऑफिसर और एयरमैन इस बर्फबारी और कर्फ्यू में छुट्टी नहीं ले रहे हैं।.तो वह कैसे छुट्टी ले सकते हैं !. कर्फ्यू में दूध आने का सवाल नहीं था।. काला कहवा और ब्रेड का नाश्ता कर रवि खन्ना।. घर से 200 मीटर की दूरी पर स्थित बस स्टैंड की तरफ चले।. जहां अन्य एयरफोर्स वालों के साथ 2 सिविलियन भी मौजूद थे।।

बस स्टैंड से बमुश्किल दस मिनट की दूरी पर फिरन पहने एक ही मोटरसाइकिल पर सवार तीन कश्मीरियों ने रवि खन्ना को रोका।. उनकी कंधे पर लगी नेम प्लेट को गौर से देखा।. पूछा।. नटटीपूरा किधर है ? स्क्वाड्रन लीडर रुक कर बताने लगे।. मोटरसाइकिल पर बीच मे बैठे आतंकी ने रवि खन्ना के पेट से सटा कर गोली मार दी।. रवि खन्ना ने AK-47 की नाल पकड़ ली। लेकिन बाइक पर पीछे बैठे यासीन मालिक ने अपनी Ak -47 की 27 गोलियां रवि खन्ना की पीठ में उतार दीं।. रवि खन्ना गिर पड़े ।.कभी न उठने के लिए।

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बस स्टैंड पर खड़े शेष वायु सैनिक जब तक कुछ समझ पाते।.आतंकियो ने AK-47 का फायर शेष वायु सैनिकों पर झोंक दिया।. 4 अन्य वायु सैनिकों के प्राण घटना स्थल पर ही निकल गए।. 2 सिविलियन भी मारे गए।. यासीन मलिक और शेष आतंकियों ने एक हैंड ग्रेनेड भी वायुसैनिकों पर उछाला।. जिनको गोली नहीं लगीं।. वह हैंड ग्रेनेड से गम्भीर रूप से घायल हो गए !।. यासीन मलिक आराम से निकल गया।.

ध्यान रखिये।. रवि खन्ना और उनकी पत्नी निहायत सेकुलर विचार धारा की थीं।. पति का लाश देखकर।. निर्मल कुमारी ने जो पहला वाक्य बोला था।. ' या मेरे परवरदिगार '।. बादामी बाग बेस हॉस्पिटल में पति के शव के पास बैठकर भी वह आर्मी और वायुसैनिकों से यही कहती रहीं कि ' किसी निर्दोष से बदला नहीं लिया जाय।.'

सिर्फ FIR हुई।. यासीन मलिक के ऊपर वायु सैनिकों और स्क्वाड्रन लीडर रवि खन्ना का मुकदमा अदालत तक नहीं पहुँचा !। यासीन मालिक घूम घूम कर सैनिकों और हिंदुओं की हत्याएं करता रहा और श्रीनगर के लाल चौक में ऊपरी तौर पर दिखाने के लिए अपने कपड़े का धंधा भी मौज से चलाता रहा।. घाटी में यासीन मलिक की इज़्ज़त चौगुनी बढ़ गई।.
वह रॉबिनहुड और घाटी का हीरो बन गया ।. नेशनल कांफ्रेंस और हुर्रियत का वह लाडला था।. JKLF का उस समय का चीफ यासीन मलिक ही था।। 

तत्कालीन सरकार ने यासीन मलिक को विदेश यात्राओं की अनुमति दी।. आगे चलकर भारत के प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह ने यासीन मलिक को प्रधानमंत्री निवास पर लंच के लिए आमंत्रित किया।. यासीन मलिक को गिफ्ट दिए गए।। यासीन मालिक ने प्रधानमंत्री को भारतीय सेना के कश्मीरियों के ऊपर अत्याचार वाली डीवीडी भेंट कीं !।. रजत शर्मा ने दो बार 'आपकी अदालत'।. कार्यक्रम में चीफगेस्ट बनाकर यासीन मलिक का महिमा मंडन किया।

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यासीन मलिक ने एक पाकिस्तानी पत्रकार मशाल बुखारी से खुलेआम निकाह किया।. पाकिस्तान गया और हाफिज सईद के साथ भारत विरोधी रैली में भाग लिया।. तत्कालीन कानून के तहत मशाल बुखारी ।. कश्मीरी नागरिक भी बन गई।. दिल्ली में रहने वाले उपेंद्र कौल सरीखे लोग यासीन और मशाल मालिक को डिनर पर बुलाते थे !।. अल जज़ीरा के एक इंटरव्यू में यासीन मलिक ने एयरफोर्स कर्मियों और स्क्वाड्रन लीडर रवि खन्ना की दुर्दांत हत्या को बड़े फक्र के साथ कुबूल किया।. दिल्ली के नेता आंखे मूंदे रहे।।

उम्मीद तब जागी।. जब 370 हटने के बाद टाडा अदालत में वायु सैनिकों की हत्या का केस खोला गया।. सुनवाई के लिए यासीन मलिक, जो तिहाड़ जेल में मनी लांड्रिंग के केस बन्द है,को श्रीनगर बुलाया गया।. यासीन की किस्मत देखिए।. श्रीनगर की वर्तमान हालात देखते हुए।. दिल्ली पुलिस यासीन मलिक को श्रीनगर ले जाने की हिम्मत नही जुटा पाई ।।

आज स्क्वाड्रन लीडर की विधवा निर्मल खन्ना 65 वर्ष की हो चुकी हैं।. जम्मू में रहती हैं।. पिछले 5 साल वह बहुत दौड़ीं।. मगर कुछ नहीं हुआ।। उन्हे केंद्रीय मंत्री डाक्टर जितेंद्र सिंह से बड़ी आस रही थी कि वह यासीन मालिक को सही जगह तक पहुचाने के लिए कुछ अवश्य करेंगे।. मगर निर्मल के हाथ निराशा ही लगी !!

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अगर ईश्वर ने न्याय किया और टाडा कोर्ट में सुनवाई ठीक ठाक चली तो शायद यासीन मलिक ताज़िन्दगी जेल में ही रहेगा.

भारत माता की जय. ...!

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