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title: "Indian scriptures and modern science"  
description: "The declared main objective of this company is to 'solve death'. That means devising a technique that completely eliminates the possibility of natural death."  
author: "Rahul Roi"  
published: 2019-10-30  
canonical: https://yourviews.mindstick.com/view/50535/indian-scriptures-and-modern-science  
category: "science"  
tags: ["moral", "indian vedic history", "modern science", "indian scriptures", "indian scriptures and modern science"]  
reading_time: 3 minutes  

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# Indian scriptures and modern science

#### भारतीय शास्त्र(ग्रन्थ) और आधुनिक विज्ञान\
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"हिंदुओं की किताबें पढ़िए तो उनमें किसी के जीवनकाल का वर्णन इतना अतिशयोक्तिपूर्ण होता है कि विश्वास ही नहीं होता।"

उपरोक्त कथन मेरे एक मित्र का है। उनके इस अविश्वास के लिए उन्हें दोष नहीं दिया जा सकता। कोई भी व्यक्ति आज की परिभाषा, परिस्थिति अनुसार ही अपना मत बनाता है।

किसी से भी पूछिए तो वह इंसान की अधिकतम आयु सौ वर्ष ही बताएगा। हालांकि विश्व भर में सौ या इससे अधिक उम्र तक जीने वाले लोग उंगलियों पर गिने जा सकते हैं।

जब कोई कहानी, कथा, काव्य लिखा जाता है तो वह वर्तमान परिस्थितियों, मान्यताओं के अनुसार ही लिखा जाता है। यह अभी तक बहस का विषय है कि रामायण या महाभारत किस काल की, कितने वर्ष पहले की घटनाएं हैं।

तुलसीदास की रामचरितमानस पाँच सौ साल पहले लिखी गई है। उसमें काल को लेकर हमारे लिए अविश्वसनीय सीमाएं नहीं लिखी हैं, लेकिन रामायण और महाभारत में ऐसा नहीं है। कुछ उदाहरण देखिए।

'वनवास काल में पांडवों से मिलने मार्कण्डेय जी आते हैं। मात्र पच्चीस वर्ष आयु के प्रतीत होने वाले मार्कण्डेय जी सबसे वरिष्ठ व्यक्ति हैं। सतयुग और त्रेतायुग ही नहीं, अपितु कई कल्प उनके सामने बीत चले हैं।' वनपर्व, महाभारत।

'उत्तरा के गर्भ में ब्रह्मास्त्र चलाकर पांडवों को निर्वंश करने वाले अश्वत्थामा को श्रीकृष्ण ने श्राप दिया कि वह आने वाले तीन हजार वर्षों तक रोगयुक्त जीवन व्यतीत करेगा,

और गर्भ के जिस बच्चे की उसने हत्या की है, उसे ही साठ वर्षों तक पृथ्वी पर राज करते हुए देखेगा।' सौप्तिक पर्व, महाभारत।

'श्रीराम ने ग्यारह हजार वर्षों तक राज्य किया।' अंतिम (128वां) सर्ग, युद्धकाण्ड, रामायण।

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क्या आप इन लंबी अवधियों पर विश्वास कर सकते हैं? शायद नहीं।

अब आज के कुछ तथ्य देखते हैं।

[गूगल कम्पनी](http://www.google.com) को आज कौन नहीं जानता। टेक्नोलॉजी के शीर्ष पर बैठी इस कम्पनी की एक सहायक कम्पनी है, 'कैलिको' (https://www.calicolabs.com/)।

![Indian scriptures and modern science](https://yourviews.mindstick.com/viewsolution/733a6132-6c13-439d-b96f-a5ab6c53f73c/images/fa73e636-d060-419c-b931-7bce01003221.png)\

इस कम्पनी का घोषित मुख्य उद्देश्य है 'मृत्यु को हल करना'। मतलब ऐसी तकनीक ईजाद करना जिससे प्राकृतिक मृत्यु की संभावना पूरी तरह खत्म हो जाए।

इंसान तब भी मरेंगे, पर केवल किसी दुर्घटना से। जैसे सड़क पर चल रहे हों और कोई ट्रक ठोक जाए। या कोई आतंकवादी आपको गोली मार दे। या आप खुद ही बिल्डिंग से कूद पड़ें।

पर यदि ऐसा कोई बाह्य कारण नहीं हुआ तो आप जीवित बने रहेंगे, बुढ़ापा झेलकर मरेंगे नहीं।

इसके प्रेसिडेंट बिल मैरिस ([Bill Maris](https://en.wikipedia.org/wiki/Bill_Maris)) का कहना है कि आदमी बड़े आराम से पाँच सौ साल तक जिंदा रह सकता है।

![Indian scriptures and modern science](https://yourviews.mindstick.com/viewsolution/733a6132-6c13-439d-b96f-a5ab6c53f73c/images/e591eebd-0593-4623-8015-a53c46e3527c.png)\

इस लक्ष्य को पाने के लिए कम्पनी ने बहत्तर करोड़ डॉलर का निवेश किया हुआ है।

**गूगल इंजीनियरिंग के निदेशक क़ुर्ज्वेल**([Google](https://www.mindstick.com/articles/43833/google-lighthouse-and-how-is-it-changing-the-way-we-development-and-design-websites) [Engineering](https://www.mindstick.com/blog/12520/earning-a-internal-engineering-graduate-rank-online) Director Kurzweil) का मानना है,

![Indian scriptures and modern science](https://yourviews.mindstick.com/viewsolution/733a6132-6c13-439d-b96f-a5ab6c53f73c/images/0c84abbc-214d-4468-9055-d163dcbfa381.png)\

कि हम 2050 तक ऐसी तकनीक विकसित कर लेंगे जिसमें आदमी एक बार क्लिनिक जाएगा और दस साल के स्वस्थ्य जीवन का टॉप अप करवा लेगा।

वो दस साल बीतने पर फिर से दस साल का टॉपअप। और तब तक तो ऐसी तकनीक विकसित हो जाएगी कि फिर से टॉप अप की जरूरत ही न पड़े।

ऐसा न भी हुआ तो उस स्थायी तकनीक के मिलने तक टॉप अप करवाते रहेंगे।

ये सब पढ़े-लिखे, तकनीक के महारथी, जिम्मेदार लोग हैं। इस दिशा में काम कर रहे हैं। पर हमारी किताबों में तो गप्प ही लिखा है! .............नहीं?

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Original Source: https://yourviews.mindstick.com/view/50535/indian-scriptures-and-modern-science

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