समुद्र मंथन से जुड़े रोचक facts

By Abhishek Sen

बृह्मा जी ने भगवान विष्णु से पृथ्वी के निर्माण के विषय में बात की तब एक बार फिर भगवान विषणु और देवी लक्ष्मी को एक दूसरे से बिछड़ना पड़ा।

उस वक्त देवी लक्ष्मी नाराज हो कर क्षीर सागर की गहराइयों में समाहित हो गई। वहीं भगवान विषणु पृथ्वी लोक को बसाने के बारे में विचार करने लगे।

तब पृथ्वी के लगभग पूरे हिस्से में पानी ही पानी था।इस श्राप के कारण राधा रानी को हाथ भी नहीं लगा पाते थे उनके पति

तब भगवान विष्णु ने तय किया कि वह समुद्र का मंथन कराएंगे। मगर, इस मंथन के लिए न तो देवता गण तैयार थे और नहीं वह इसे अकेले कर पाने में समर्थ थे।

वहीं दूसरी तरफ देवी लक्ष्मी के रुष्ट होने से पूरे बृह्मांड में सभी देवता और असुर श्रीहीन हो गए थे। सभी चाहते थे कि देवी लक्ष्मी वापिस आ जाएं।

भगवान विष्णु ने तब देवताओं को श्री का लोभ और असुरों को अमृत का लोभ दे कर समुद्र मंथन के लिए तैयार किया था।

इसके बावजूद समुद्र को मथना आसान नहीं था। तब भगवान विष्णु ने अपनी माया से मंदार पर्वत को समुद्र के बीचो बीच ला खड़ा किया।

तब भगवान विष्णु ने भगवान शिव से उनके गले में वास करने वाले नाग वासुकी को समुद्र मंथन के लिए देने के लिए आग्रह किया।

Next: Some Unusual Temples Of India You Probably Didn't Know Of!

Find out More..